हमारे शहरों की तेज़ गति के बीच, अपने शरीर को आराम देने का समय निकालना कोई विलासिता नहीं है, यह एक ज़रूरत है।
लंबा आवागमन (चाहे वो बेंगलुरु का ट्रैफिक हो या मुंबई की लोकल) हमें शारीरिक रूप से थका देता है। काम के घंटों के दौरान लगातार कुर्सी पर बैठे रहना इस थकान को और बढ़ा देता है।
सुझाव: हर 45 मिनट में अपनी कुर्सी से उठें। थोड़ा पानी पिएं या केवल अपनी आँखों को स्क्रीन से हटाकर खिड़की के बाहर देखें। ये छोटे 'माइक्रो-ब्रेक' आपके पोश्चर और आँखों को आराम देते हैं।
दिन भर के मानसिक तनाव को कम करने के लिए आपको भारी जिम वर्कआउट की आवश्यकता नहीं है। शाम को अपने अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के आस-पास टहलना, या बाज़ार से पैदल ही सामान लाना पर्याप्त है।
शारीरिक गतिविधि न केवल हमारी मांसपेशियों को खोलती है, बल्कि रात की अच्छी नींद के लिए हमारे शरीर को तैयार भी करती है। परिवार के साथ यह सैर और भी सुखद हो जाती है।